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मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ (डायबिटीज) डाइट में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ करने हेतॠउपयà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में मदद करते हैं, और इनके सेवन से आपको मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिलती है। à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करना à¤à¥€ बेहद फायदेमंद होता है जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ जटिलताओं, जैसे हृदय और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियों से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
डायबिटिक डाइट में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ होने वाले ये 10 आहार, डायबिटिक समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ विकार को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकते हैं।
1. हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
हरी, पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कम कैलोरीज पाई जाती हैं और ये सबà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ काफी पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होती हैं। साथ ही, पाचन योगà¥à¤¯ कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ कम मातà¥à¤°à¤¾ होने की वजह से, ये पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हरी सबà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤£ में रखती है।
उदाहरण के तौर पर, पालक, केल (à¤à¤• तरह की हरी, पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¥€) और दूसरी तरह की हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ विटामिन (जैसे विटामिन सी ) और मिनरलà¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। à¤à¤• शोध में पाया गया है की विटामिन सी का बढ़ना टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को घटा देती है।
2. दालचीनी
काफी मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाने वाले à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ के अलावा, दालचीनी को डायबिटीज नियंतà¥à¤°à¤£ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठà¤à¥€ जाना जाता है। अनेक शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने अपनी रिसरà¥à¤š में यह पाया हैं कि दालचीनी बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कम करती है और इनà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ की संवेदनशीलता (इंसà¥à¤²à¥à¤‡à¤¨ सेंसिटिविटी) को à¤à¥€ बढाती है।
हालांकि, आपको कैसिया दालचीनी (दालचीनी का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार) का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इस पà¥à¤°à¤•ार की दालचीनी में कौमारिन की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण, इसका अधिक सेवन नà¥à¤•सानदायक हो सकता है। दूसरी ओर, सीलोन दालचीनी में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कौमारिन नहीं होता है।
3. फैट-यà¥à¤•à¥à¤¤ मछलियां (फैटी-फिश)
यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपको सैलà¥à¤®à¤¨, सारà¥à¤¡à¤¿à¤¨,और मैकेरल जैसी फैट-यà¥à¤•à¥à¤¤ मछलियों को अपने आहार में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤à¥¤ यह फैट यà¥à¤•à¥à¤¤ मछलियां डीà¤à¤šà¤ (DHA) और ईपीठ(EPA) जैसे ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होती हैं। ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸ आपके दिल की सेहत के लिठकाफी लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होते हैं। इस तरह के फैट (वसा) को अपने आहार में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ करना ख़ास तौर से उन लोगों के लिठफायदेमंद है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दिल के रोगों का खतरा ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है।
डीà¤à¤šà¤ और ईपीठइनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ मारà¥à¤•रà¥à¤¸ (à¤à¤¸à¥‡ ततà¥à¤¤à¥à¤µ जो शरीर में सूजन पैदा करते हैं) को कम करते है। ये आहार धमनियों के कारà¥à¤¯ करने के तरीके में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° करते हैं और रकà¥à¤¤ वाहिकाओं के सेल लाइनिंग की रकà¥à¤·à¤¾ करते हैं। उपरोकà¥à¤¤ बिंदॠको सिदà¥à¤§ करने के लिठसाकà¥à¤·à¥à¤¯ आधारित अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ हà¥à¤ हैं।
शोध में यह दिखाया गया है कि à¤à¤¸à¥‡ बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— लोग जो लगà¤à¤— 8 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक, पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 5 बार से अधिक वसायà¥à¤•à¥à¤¤ मछली खाते हैं, उनमें टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤—à¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° और सूजन मारà¥à¤•रों में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कमी आई है। साथ ही, इन मछलियों में उचà¥à¤š गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ वाला पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¥€ होता है जो आपको लंबे समय तक à¤à¥‚ख लगने से बचाता है और पकी चयापचय दर (मेटाबोलिक रेट) को बढ़ाता है।
4. चिया के बीज (चिआ सीडà¥à¤¸):
चिया के बीजो में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में फाइबर होता है और इनमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ कम होती है। साथी ही, इनमें मौजूद लसदार (विसà¥à¤•स) फाइबर बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कम करता है। विसà¥à¤•स फाइबर उस दर को धीमा करता है जिस पर à¤à¥‹à¤œà¤¨ आंत के माधà¥à¤¯à¤® से आगे बढ़ रहा है और अवशोषित हो रहा है। इसी वजह से ये रकà¥à¤¤ शà¥à¤—र के सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° को कम रखता है।
इसके अलावा, चिया के बीजों में मौजूद फाइबर पेट को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक à¤à¤°à¤¾ रखता है और इस तरह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने और अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ वजन बढ़ने से बचाता है। चिया के बीज बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ मारà¥à¤•रà¥à¤¸ को à¤à¥€ कम करते हैं।
5. गà¥à¤°à¥€à¤• दही (योगहरà¥à¤Ÿ):
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के कारण गà¥à¤°à¥€à¤• योगहरà¥à¤Ÿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों के लिठà¤à¤• बेहतरीन डेयरी विकलà¥à¤ª है। à¤à¤¸à¤¾ आंशिक रूप से उनमें पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण है।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में यह à¤à¥€ पाया गया है कि दही और अनà¥à¤¯ डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ के सेवन के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों में वजन कम हो सकता है और शरीर की संरचना बेहतर हो सकती है। चूंकि गà¥à¤°à¥€à¤• योगहरà¥à¤Ÿ में पारंपरिक दही की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम कारà¥à¤¬à¥à¤¸ होते हैं, इसलिठयह मीट का à¤à¤• बढ़िया विकलà¥à¤ª हो सकता है।
इसके अलावा, इसमें अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, वजन घटाने, अवांछित जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना खाने (बिंज ईटिंग) से बचने, और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤¯à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ सेवन को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने में मदद करता है। इन सà¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ के चलते, गà¥à¤°à¥€à¤• योगहरà¥à¤Ÿ को अपनी डायबिटिक डाइट में शामिल करना लाà¤à¤•ारी है।
6. फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ सीड (अलसी का बीज):
फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ सीड अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ अलसी के बीजों में लिगà¥à¤¨à¤¾à¤‚स से बना अघà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² (इनà¥à¤¸à¥‰à¤²à¥à¤¯à¥‚बल) फाइबर होता है। यह हà¥à¤°à¤¦à¤¯ रोगों के जोखिम को कम करता है और बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से पता चला है कि टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों ने जब 12 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक अलसी के बीजो का सेवन किया तो उनके हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ में काफी बढ़ाव हà¥à¤†à¥¤ इसी तरह, à¤à¤• अनà¥à¤¯ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से पता चला की अलसी के नियमित सेवन से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा कम हो सकता है। इसमें मौजूद चिपचिपा (विसà¥à¤•स) फाइबर विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ गतिविधियों में मदद करता है। आंतों का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ संवेदनशीलता और शरीर में परिपूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ाना इसके कà¥à¤› उदाहरण हैं।
7. नटà¥à¤¸
यह तो सà¤à¥€ को जà¥à¤žà¤¾à¤¤ है की हर पà¥à¤°à¤•ार के मेवे (नटà¥à¤¸) फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ होते हैं। साथ ही इनमें पचने योगà¥à¤¯ फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है। हालांकि, फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ सà¤à¥€ नटà¥à¤¸ में अलग-अलग होती है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के नटà¥à¤¸ पर शोध से पता चला है कि उनके सेवन से सूजन कम हो सकती है और à¤à¤šà¤¬à¥€à¤1सी कम हो सकता है। यह शरीर में रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा (बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र) और à¤à¤²à¤¡à¥€à¤à¤² (हानिकारक कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤²) के सà¥à¤¤à¤° को à¤à¥€ कम कर सकते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ आहार योजना (डायबिटिक डाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨) में नटà¥à¤¸ को शामिल करना बेहद लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• सिदà¥à¤§ हो सकता है।
हाल ही में हà¥à¤ à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से पता चला है कि जिन डायबिटीज रोगियों ने पूरे साल अपने दैनिक आहार में 30 गà¥à¤°à¤¾à¤® अखरोट शामिल किया, उनका वजन कम हà¥à¤†à¥¤ यहां तक ​​कि उनके शरीर की संरचना में सà¥à¤§à¤¾à¤° दिखा,और उनके इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में काफी कमी आयी। टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों में अकà¥à¤¸à¤° इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° अधिक होता है, और इसलिठइसे मोटापे से जोड़ा जाता है। शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का यह à¤à¥€ मानना ​​है कि अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° से अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° जैसी गंà¤à¥€à¤° बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और कैंसर की à¤à¥€ समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
8. à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² साइडर विनेगर (सेब का सिरका):
यह सतà¥à¤¯ है कि à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² साइडर विनेगर सेब फल से बनता है, लेकिन फल में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ चीनी को à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ में किणà¥à¤µà¤¿à¤¤ (फरमेंट) किया जाता है, जिसकी वजह से इसमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ काफी कम होती है।
इसके अलावा à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² साइडर विनरगर (सिरका) इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ संवेदनशीलता में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है और बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कम करता है। अगर इसका कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ सेवन किया जाठतो इसमें बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को 20% तक कम करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ होती है। इसके अतिरिकà¥à¤¤, à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से पता चला है कि डायबिटीज पर ख़राब नियंतà¥à¤°à¤£ रखने वाले लोगों ने जब सोने से पहले दो बड़े चमà¥à¤®à¤š à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² साइडर (विनेगर) सिरका का सेवन किया तो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° में 6% कमी अनà¥à¤à¤µ की।
9. लहसà¥à¤¨:
लहसà¥à¤¨ को हम उसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ के लिठजानते है। कà¥à¤› अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चला है कि लहसà¥à¤¨ टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में सूजन, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र और à¤à¤²à¤¡à¥€à¤à¤² के सà¥à¤¤à¤° को कम कर सकता है। यह शरीर में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में à¤à¥€ काफी कारगर हो सकता है। इसके अलावा लहसà¥à¤¨ में कैलोरी à¤à¥€ कम होती है, इसकी à¤à¤• कलि में में सिरà¥à¤« 4 कैलोरी होती है।
10. सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€:
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ विशेष रूप से à¤à¤‚थोसायनिन नामक रसायन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। à¤à¤‚थोसायनिन वह à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट है जो सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ को उसका लाल रंग देता है। ये à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट à¤à¥‹à¤œà¤¨ के ठीक बाद इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ और कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में सकà¥à¤·à¤® है। यह टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° में वृदà¥à¤§à¤¿ और हृदय रोगों के जोखिम को à¤à¥€ कम करता है।
à¤à¤• कटोरी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ में 49 कैलोरी और केवल 11 गà¥à¤°à¤¾à¤® कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤¯à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होते हैं, जिनमें से 3 गà¥à¤°à¤¾à¤® फाइबर है। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥à¤°à¥€ का संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ सेवन यह à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करता है कि आपको विटामिन सी का अपने आवशà¥à¤¯à¤• दैनिक सेवन का 100% से अधिक पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो। इसीलिठहृदय के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ काफी लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होती है।
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